एसपी सुकीर्ति माधव के निर्देशन व ट्रेनी आईपीएस नताशा गोयल की सख्त निगरानी में जहानाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन, 1.30 लाख नशीली टैबलेट के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
पीलीभीत (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी):
जनपद में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा तस्करी विरोधी अभियान के तहत सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर नताशा गोयल के कुशल पर्यवेक्षण में थाना जहानाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नशा तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों में लखविंदर सिंह पुत्र भागीरथ मौर्य, ओमकार मिश्रा पुत्र ऋषि कुमार निवासी जनपद लखीमपुर खीरी तथा फुरकान पुत्र मोहम्मद यामीन निवासी थाना अमरिया, जनपद पीलीभीत शामिल हैं। जांच में सामने आया कि लखविंदर सिंह और ओमकार मिश्रा डिब्बों में छिपाकर 1.30 लाख प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट लेकर आए थे और फुरकान को ₹50 हजार में सप्लाई देने की तैयारी चल रही थी।
गश्त के दौरान पुलिस टीम को दो गाड़ियों के पास संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। शक होने पर पुलिस ने वाहनों की तलाशी ली, जिसमें डिब्बों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली टैबलेट बरामद हुईं। इसके बाद पुलिस टीम ने तीनों अभियुक्तों को मौके पर ही दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से दो कार, ₹54,550 नगद, 03 मोबाइल फोन तथा 08 एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान अभियुक्त प्रतिबंधित दवाओं से संबंधित कोई वैध लाइसेंस अथवा अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।
इस पूरी कार्रवाई को ट्रेनी आईपीएस नताशा गोयल की सतर्क निगरानी और रणनीतिक कार्यशैली का परिणाम माना जा रहा है। नताशा गोयल क्षेत्राधिकारी सदर की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं और अपने सभी थाना क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहती हैं। उन्होंने अधीनस्थ थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में अधिक से अधिक सक्रिय रहकर आमजन एवं गणमान्य लोगों से समन्वय बनाए रखें। उसी का परिणाम है कि थाना जहानाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 03 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
वहीं सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देखा कि दो गाड़ियों में कुछ आदान-प्रदान किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि दो व्यक्ति आपस में नशीली गोलियों की सप्लाई कर रहे थे और तीसरे व्यक्ति से उसके बदले पैसे लिए जा रहे थे। पूछताछ में किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या परमिशन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज़)