विजय की मौत पर भड़का रालोद, डीएम कार्यालय में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
पीलीभीत (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी): कलेक्ट्रेट परिसर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन विजय राठौर की मौत के मामले में बुधवार को राष्ट्रीय लोकदल का गुस्सा फूट पड़ा। रालोद के जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उस समय जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जबकि एसडीएम न्यायिक जनसुनवाई में व्यस्त थे। इसी दौरान रालोद कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और घटना को लेकर प्रशासन से जवाब मांगने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी की एसडीएम एवं सिटी मजिस्ट्रेट के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
अनिल चौधरी ने संविदा लाइनमैन विजय राठौर की मौत के लिए सीधे बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि संविदा कर्मचारियों से जान जोखिम में डालकर बिजली के पोल पर काम कराया जा रहा था तो उन्हें हेल्मेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स और अन्य सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कर्मचारियों को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। उनका कहना था कि यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए होते और नियमों का पालन कराया गया होता तो शायद आज विजय राठौर जीवित होता।
आधे घंटे तक तड़पता रहा विजय, लेकिन कोई नहीं आया मदद को
रालोद नेताओं ने घटना के मानवीय पहलू को भी गंभीर बताते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी आते-जाते हैं तथा बड़ी संख्या में सरकारी वाहन भी मौजूद रहते हैं, लेकिन हादसे के बाद घायल विजय राठौर को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विजय करीब आधे घंटे तक घायल अवस्था में तड़पता रहा और उसके साथी मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी। बाद में एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीएम कार्यालय में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर नाराज रालोद कार्यकर्ता डीएम कार्यालय परिसर में ही जमीन पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि जनता के मुद्दों पर अधिकारियों को संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और ऐसे गंभीर मामलों पर प्रशासन को तत्काल प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
रालोद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और व्यापक करेगा। उन्होंने कहा कि विजय राठौर के परिवार को न्याय दिलाने और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए राष्ट्रीय लोकदल सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष जारी रखेगा।
अब इस पूरे मामले में प्रशासन और बिजली विभाग की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। साथ ही यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा मानकों और समय पर राहत व्यवस्था में हुई कथित चूक की जिम्मेदारी किसकी तय होगी।