सहसवान पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, दो वारंटी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार बडेरिया मारपीट कांड में तीन वांछित दबोचे, घटना में प्रयुक्त तीन लाठियां बरामद
बदायूं (जे.आई. न्यूज़)। अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सहसवान पुलिस ने अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वारंटी और बडेरिया मारपीट प्रकरण में तीन वांछित अभियुक्तों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के आदेश, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सहसवान के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सहसवान नरेश कुमार के नेतृत्व में की गई।
सहसवान पुलिस टीम ने न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर कामिल पुत्र इसरार उर्फ बिंदू निवासी रुस्तम टोला, थाना सहसवान को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कमल सिंह, कांस्टेबल चन्द्रशेखर और कांस्टेबल हिमांशुपाल शामिल रहे।
इसी क्रम में पुलिस ने परवीन पत्नी अब्दुल रहमान निवासी गोपालगंज, थाना सहसवान को भी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शिवानी सिंह और कांस्टेबल रोहित चौधरी शामिल रहे।
बडेरिया मारपीट मामले में तीन वांछित गिरफ्तार
वहीं, 20 अगस्त 2026 को ग्राम बडेरिया में पानी के विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान लाठी-डंडों से मारपीट की गई थी, जिसके संबंध में सहसवान थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सहसवान-कछला रोड स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवेंद्र पुत्र रामप्रकाश, धनुषपाल पुत्र रामप्रकाश और विक्लेश पुत्र शेर सिंह, सभी निवासी ग्राम बडेरिया, थाना सहसवान, जनपद बदायूं के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन लाठियां भी बरामद की हैं। बडेरिया मामले में गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रामवीर सिंह, कांस्टेबल सोबित सिंह, कांस्टेबल गौरव कुमार और कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल रहे।
पुलिस की लगातार कार्रवाई से वांछित और वारंटी आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों तथा न्यायालय से जारी वारंट वाले आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।