Wednesday, 07-01-2026
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न्यू ईयर जश्न में डूबा जिला जेल महकमा, मौका अच्छा मिला तो 2 बंदी हुए जेल से फुर्र ! अधीक्षक समेत 5 पर चल गया एक्शन हंटर ! चार तत्काल प्रभाव से सस्पेंड ! डीजी पीसी मीना ने डीआईजी को दिए जांच के आदेश

धर्मेंद्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। न्यू ईयर जश्न के बीच यूपी की कन्नौज जेल से दो बंदी फरार हो गए। मामले में घनघोर लापरवाही पे डीजी कारागार पीसी मीना ने कार्रवाई का चाबुक चला दिया है। जिला जेल अधीक्षक समेत पाँच के खिलाफ एक्शन ले लिया गया है। चार जेल कार्मिक तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किये गए हैं। जेल अधीक्षक की भूमिका की जाँच डीआईजी से करायी जा रही है। जेल मुख्यालय अनुसार, पाँच जनवरी की सुबह जिला कारागार, कन्नौज से दो विचाराधीन बंदी अंकित पुत्र प्रेमचन्द्र तथा डम्पी उर्फ शिवा पुत्र भजनलाल फरार हो गए। बंदी अंकित अहाता संख्या 4 की बैरक संख्या 10 में जबकि बंदी डम्पी उर्फ शिवा अहाता संख्या 4 की बैरक संख्या 8 में निरुद्ध था। दोनों बंदी कार्य पर नियुक्त थे। घने कोहरे के कारण कार्य के लिए कमान नहीं निकाली गई थी। बावजूद, दोनों बंदी बैरकों से बाहर निकलकर कारागार परिसर में आए और मुख्य प्राचीर की पोस्ट संख्या 1 एवं 2 के मध्य से कारागार से भाग निकले। प्रथमदृष्टया जांच में बैरक प्रभारी जेल वार्डर शिवेन्द्र सिंह यादव, सर्किल गश्त ड्यूटी पे तैनात हेड जेल वार्डर शिवचरन, बैरक लॉकिंग अनलॉकिंग के लिए उत्तरदायी उप कारापाल बद्री प्रसाद, तथा कारापाल विनय प्रताप सिंह अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं। घटना की गंभीरता के दृष्टिगत जेलवार्डर शिवेन्द्र सिंह यादव, हेड जेलवार्डर शिवचरन, उप कारापाल बद्रीप्रसाद, कारापाल विनय प्रताप सिंह तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिये गए हैं। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पूरे प्रकरण में जिला जेल अधीक्षक कन्नौज की भूमिका की जांच उपमहानिरीक्षक कारागार कानपुर परिक्षेत्र को दी गयी है। यूपी के डीजी जेल पीसी मीना ने पूरे मामले में कड़े तेवर दिखाये हैं। माना जा रहा है कि डीआईजी की जांच रिपोर्ट के बाद जेल अधीक्षक की कुर्सी महफूज नहीं रह सकेगी। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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