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योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल: ग्राम निधि में बड़ा खेल, प्रधान, भाई और करीबियों के खातों में पहुंचा सरकारी धन

ज्योरा मकरंदपुर पंचायत में लाखों रुपये के भुगतान पर उठे सवाल, विकास कार्यों और मजदूरी के नाम पर फर्जी भुगतान के आरोप

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बरेली (जे.आई.न्यूज़): जनपद के नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत ज्योरा मकरंदपुर में ग्राम निधि के धन के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव की कथित मिलीभगत से सरकारी धन को नियमों के विपरीत अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान/प्रशासक रवि बाबू ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के नाम पर अपने ही सगे भाई के खाते में ग्राम निधि से भुगतान कर लिया। इसके अलावा रवि बाबू के करीबी बताए जा रहे सुनील गंगवार, अजय समेत कई अन्य लोगों के खातों में भी ग्राम निधि से लाखों रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन लोगों के खातों में भुगतान किया गया, वे ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं करते हैं। इसके बावजूद विकास कार्यों और मजदूरी के नाम पर उनके खातों में सरकारी धन भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान कर ग्राम निधि का दुरुपयोग किया गया है।

इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि रवि बाबू के स्वयं के खाते में भी ग्राम निधि से धनराशि ट्रांसफर की गई है। इससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका और गहरा गई है, जो पूर्णतया नियम के विरुद्ध है। यदि ग्राम पंचायत में बैंक खातों, भुगतान विवरण और पंचायत अभिलेखों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हो सकता है।

योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच सामने आए इन आरोपों ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज़)

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