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एसपी सुकीर्ति माधव के निर्देशन में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

आईपीएस नताशा गोयल के पर्यवेक्षण में ऑपरेशन साइ वज्र की बड़ी कार्रवाई! 100 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेनदेन, दो आरोपी गिरफ्तार

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पीलीभीत (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी)। ऑपरेशन साइ वज्र के तहत पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन और सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल के पर्यवेक्षण में थाना जहानाबाद एवं साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने कथित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 200 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में अब तक इन खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।

पुलिस के अनुसार गौनेरी निवासी दानिश अंसारी की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मोहसिन और उसके भाई मोबीन कथित तौर पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा 10 हजार रुपये इनाम का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाताधारकों के एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से जुड़े सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए जाते थे।

सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल के मुताबिक आरोपी इन बैंक खातों को टेलीग्राम के माध्यम से आगे बेचते थे। पुलिस का कहना है कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और अन्य साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में मोहसिन से जुड़े बैंक खाते में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल के खाते में करीब 28 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, 16 फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 पासबुक बरामद की हैं।

फिलहाल, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों के बीच संभावित संबंधों की जांच की जा रही है।

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