थाना व निचले अफसरों की चौखट पे हुई बेरूखी : एडीजी रमित शर्मा के दफ्तर में हुई सुनवाई ! बेवा के प्रार्थना पत्र पर तत्काल एक्शन लिया जोन मुखिया ने, दिए एफआईआर के आदेश ! योगी सरकार की जन सुनवाई फर्स्ट पॉलिसी को आगे बढ़ा रहे सीनियर आईपीएस रमित शर्मा
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। लंबे समय से थाना और निचले अधिकारियों के पास चक्कर काट रही बेवा महिला की सुनवाई एडीजी ऑफिस में हो पायी। एडीजी जोन ने बेवा के प्रकरण में एक्शन लेते हुए एफआईआर के आदेश जारी किये हैं। थाना व निचले अफसरों की उदासीनता पर अपर पुलिस महानिदेशक ने कड़ी नाराजगी जतायी है। यूपी के बरेली जनपद अंतर्गत बारादरी इलाके की बेवा महिला नंदिनी वर्मा धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने को थाना से लेकर अफसरों के पास काफी समय से दौड़ रही हैं। सोमवार में जनसुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन रमित शर्मा के समक्ष पेश हो पूरे मामले की शिकायत की। पीड़िता के शिकायती प्रार्थना पत्र पर त्वरित एक्शन लेते हुए सीनियर आईपीएस रमित शर्मा ने तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश एसएसपी बरेली को दिए हैं। शिकायती प्रार्थना पत्र में पीड़िता नंदिनी वर्मा का आरोप है कि उसके देवर विशाल वर्मा आदि ने उसके पति अजय वर्मा की मृत्यु के सालभर बाद उसके पति की स्विफ्ट डिजायर कार जालसाजी करते हुए धोखाधड़ीपूर्वक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने नाम करा ली। जनसूचना अधिकार के तहत आरटीओ ऑफिस से मिली जानकारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। महिला ने मामले में एफआईआर कराने को जनपद बरेली के थाना कैंट समेत जिला स्तरीय अधिकारियों के यहाँ दस्तक दी। सुनवाई न होने पे सोमवार में महिला ने जोन कार्यालय का रूख किया। अपर पुलिस महानिदेशक ने एसएसपी बरेली को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्य आधारित विवेचना हो। योगी सरकार की जनसुनवाई फर्स्ट पॉलिसी के क्रम में एडीजी रमित शर्मा लगातार पीड़ितों के प्रकरण में सख्त कदम उठा रहे हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।