अमित राठौर के नेतृत्व में आजाद हिंदू सेना ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
बरेली (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी): गौ-संरक्षण, गो-रक्षकों की सुरक्षा तथा उनसे जुड़े मामलों में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आज़ाद हिंद सेना एवं विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित राठौर के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में देशभर में गो-रक्षकों और गो-सेवकों के विरुद्ध दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कराने, गौ-तस्करी पर कठोर कार्रवाई करने तथा गौ-संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लागू करने की मांग उठाई गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक जीवन में गौ माता को विशेष सम्मान प्राप्त है। करोड़ों भारतीय गौ माता को श्रद्धा और आस्था का प्रतीक मानते हैं तथा गौ-सेवा और गौ-संरक्षण को अपना नैतिक दायित्व समझते हैं। ऐसे में गौ-संरक्षण से जुड़े लोगों को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए।
ज्ञापन में विशेष रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के चर्चित प्रकरण का उल्लेख किया गया है, जिसमें 14 गो-रक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी प्रकार की न्यायिक अथवा प्रशासनिक त्रुटि हुई है तो संबंधित व्यक्तियों को न्याय मिलना चाहिए। संगठन का कहना है कि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि देश के विभिन्न हिस्सों से समय-समय पर ऐसी शिकायतें सामने आती रहती हैं कि गौ-संरक्षण और गौ-सेवा के कार्यों में लगे कार्यकर्ताओं को अनावश्यक प्रशासनिक दबाव, उत्पीड़न अथवा कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे गौ-संरक्षण के कार्यों में लगे लोगों का मनोबल प्रभावित होता है। इसलिए सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में संवेदनशील एवं निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
संगठन ने मांग की है कि देशभर में गो-रक्षकों एवं गो-सेवकों के विरुद्ध दर्ज मामलों की समीक्षा कराई जाए तथा जिन मामलों में आरोप असत्य अथवा दुर्भावनापूर्ण पाए जाएं, उनमें संबंधित लोगों को न्याय दिलाया जाए। साथ ही गौ-संरक्षण के कार्यों में लगे सामाजिक कार्यकर्ताओं और गो-रक्षकों के उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन में गौ-तस्करी, गोवंश हत्या तथा गोवंश से जुड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की भी मांग की गई है। संगठन ने कहा कि गौ-तस्करी और गोवंश के प्रति क्रूरता की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर एवं प्रभावी कानून लागू किए जाएं तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही वैध रूप से गौ-संरक्षण के कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा की गारंटी भी दी जाए।
आज़ाद हिंद सेना ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि गौ-संरक्षण से संबंधित कानूनों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संशोधनों पर विचार किया जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन को गौ-संरक्षण से जुड़े मामलों में निष्पक्ष, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि देश में गौ माता के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए तथा गौ माता को "राष्ट्र माता" घोषित करने की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित राठौर के अलावा राष्ट्रीय महासचिव रवि शंकर, राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रदेश महामंत्री सोनू ठाकुर, रेनू ठाकुर (प्रदेश महासचिव), मोना श्रीवास्तव, शिल्पी श्रीवास्तव, पूनम, अलका सक्सेना, अर्जुन गुप्ता, अनुज पाल, अतुल पाल, पवन प्रजापति, आकाश कुमार, अंकित जानी, सतीश दिवाकर, शिवम शर्मा, शक्ति सिंह, विशाल यादव, वीर चौहान, सचिन कुमार, उत्कर्ष, दीपक, अर्जुन, उमंग सहित संगठन के तमाम पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि गौ-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति कार्यालय इस विषय की गंभीरता को समझते हुए संबंधित मंत्रालयों और विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा तथा गौ-संरक्षण और गो-रक्षकों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी।