वीरेन्द्र रस्तोगी के ज्ञापन पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का बड़ा एक्शन
पीलीभीत (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी): शहर में राम स्वरूप पार्क के आसपास अवैध कब्जों, नालों पर अतिक्रमण और नगर पालिका अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया है। राष्ट्रीय लोकदल के नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर एवं उप-जिलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, वीरेन्द्र रस्तोगी द्वारा 19 मई 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में राम स्वरूप पार्क के पास सड़क किनारे स्थायी दुकानों के माध्यम से अवैध कब्जे किए जाने, नालों पर अतिक्रमण तथा नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम को संयुक्त रूप से स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जांच के उपरांत तीन दिवस के भीतर स्पष्ट आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के इस आदेश के बाद नगर पालिका और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि राम स्वरूप पार्क के आसपास सड़क किनारे अवैध रूप से स्थायी दुकानें लगाकर कब्जा किया जा रहा है। इसके अलावा स्टेशन रोड स्थित विशाल टाकीज के पास नालों पर अतिक्रमण कर उनकी चौड़ाई कम किए जाने से बरसात के समय जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।

रालोद नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के कारण आम जनता परेशान है। उन्होंने प्रशासन से भूमाफियाओं, अवैध निर्माण कराने वालों तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो रालोद कार्यकर्ता जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं जिलाधिकारी के त्वरित संज्ञान के बाद अब लोगों को उम्मीद जगी है कि शहर को अतिक्रमण और जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी।