आत्महत्या व पलायन की घटनाओं पे डीजी सख्त : IPS पीसी मीना ने प्रदेशभर के डीआईजी, अधीक्षकों के कसे पेंच ! कारागारों में नहीं चलेगा पंगु सुरक्षा सिस्टम ! हाईलेवल वीसी में महानिदेशक के कड़े निर्देश
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। उत्तर प्रदेश के डीजी जेल पीसी मीना ने कारागारों के अंदर आत्महत्याओं व बंदियों के फरार हो जाने की घटनाओं को लेकर कड़े तेवर अख्तियार किये हैं। बुधवार को हाई लेवल समीक्षा बैठक के दौरान सीनियर आईपीएस पीसी मीना ने प्रदेशभर के जेल अधीक्षकों व उपमहानिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जेलों के भीतर पंगु सुरक्षा सिस्टम कतई बर्दाश्त नहीं होगा। पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी, अनुशासित तरीका, पारदर्शिता हो। बंदियों की सुरक्षा ड्यूटी में कोई ढिलाई ना हो। आत्महत्या, पलायन की घटनायें तत्काल प्रभाव से रुकनी चाहिए। कारागार अधीक्षक स्तर पे लंबित विभागीय कार्यवाहियों, शिकायतों विशेषकर मानवाधिकार से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए महानिदेशक मीना ने सभी लंबित मामलों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए हैं। डीजी ने स्पष्ट कहा है कि जेलों के संवेदनशील स्थानों को सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाया जाए। सभी क्रियाशील बैरकों की सीसीटीवी कैमरों के जरिये प्रभावी निगरानी हो। मेन वाल वायर फेंसिंग, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, मुख्यालय स्थित वीडियो वॉल के माध्यम से जारविस प्रणाली से की जा रही सतत निगरानी की डीजी ने समीक्षा की। मीना ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही पे संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। कारागारों में आयोजित किए जा रहे मासिक अलार्म अभ्यास, आदर्श कारागारों में बंदियों के स्थानांतरण की अद्यतन स्थिति, वार्षिक अनुरक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए बजट के उपयोग, महिलाओं के साथ रह रहे बच्चों के कल्याण के लिए जनपदीय बैठकों की प्रगति, निरुद्ध दिव्यांग बंदियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत कराने की कार्यवाही, मृतक आश्रितों की अनुकम्पा नियुक्तियों से संबंधित प्रकरणों की भी महानिदेशक ने विस्तृत समीक्षा करके सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ये सभी कार्य टॉप प्राथमिकता पे समयबद्ध हों। वीसी में एआईजी धर्मेन्द्र सिंह, डीआईजी कुंतल किशोर, प्रदीप गुप्ता, सुभाष चंद्र शाक्य, राजेश श्रीवास्तव, पीएन पाण्डेय, शैलेन्द्र मैत्रेय, डॉ रामधनी समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।