परिवार परामर्श केंद्र की पहल से दो परिवारों में सुलह
नवाबगंज। थाना नवाबगंज के सभागार में बुधवार को परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया। इसमें पति-पत्नी एवं पारिवारिक विवादों से जुड़े कुल 11 मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों की समस्याओं को विस्तार से सुना और आपसी बातचीत एवं काउंसलिंग के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवाई के लिए पहुंचे 11 मामलों में चार मामले थाना नवाबगंज से तथा सात मामले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से भेजे गए थे। केंद्र में पहुंचे दंपतियों एवं उनके परिजनों से टीम के सदस्यों ने अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से बातचीत की। इस दौरान विवाद की वजहों को समझने के साथ ही दोनों पक्षों को आपसी मतभेद दूर कर पारिवारिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए समझाया गया।
काउंसलिंग से दो परिवारों में बनी सहमति
परिवार परामर्श केंद्र की टीम के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी सामने आया। दो मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति कायम कराते हुए समझौता कराया गया। दोनों परिवारों के सदस्यों ने आपसी मतभेद दूर कर साथ रहने और पारिवारिक संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति जताई। टीम ने दोनों पक्षों को भविष्य में संवाद एवं आपसी समझ के साथ विवादों से बचने की सलाह दी।
दो मामलों में नहीं बनी बात, मुकदमे की कार्रवाई
वहीं, सुनवाई के दौरान दो मामलों में समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों को समझाने और आपसी सहमति बनाने के प्रयास के बावजूद विवाद का समाधान न होने पर नियमानुसार मुकदमा पंजीकृत कराने की कार्रवाई की गई। अन्य मामलों में भी संबंधित पक्षों की समस्याओं को सुनकर आवश्यक परामर्श एवं कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
टीम ने दोनों पक्षों को समझाया
परिवार परामर्श केंद्र की टीम में अधिवक्ता सुधाकर लाल रस्तोगी, नत्थू लाल आर्य, गोपाल कृष्ण शर्मा एवं निशात बानो शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने मामलों की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी। काउंसलिंग के दौरान पति-पत्नी को एक-दूसरे की भावनाओं और समस्याओं को समझने, आपसी संवाद बनाए रखने तथा छोटी-छोटी बातों को विवाद का रूप न देने के लिए समझाया गया।
परामर्श केंद्र का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को संभव होने पर बातचीत, समझाइश और काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाना है, ताकि अनावश्यक रूप से परिवार टूटने की स्थिति से बचाया जा सके। साथ ही, जहां आपसी समझौते की संभावना नहीं बनती, वहां नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाती है।
इस दौरान थाना नवाबगंज प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। परिवार परामर्श केंद्र की पहल से दो मामलों में समझौता होने के बाद संबंधित परिवारों में आपसी सहमति और सामंजस्य की स्थिति बनी। परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए संवाद और आपसी समझ को महत्वपूर्ण बताया।
जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज़ | अजय रस्तोगी