मनमानी : दारोगा व थानेदार से लेकर सीओ साहब डकार गए चोरी का जरायम ! सीएम मॉनिटरिंग वाले IGRS पोर्टल पे हुई शिकायत में दे दी गयी झूठी जाँच रिपोर्ट ! अब पूर्व थानेदार व दारोगा सस्पेंड, सीओ साहब का स्पष्टीकरण तलब
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। अजाबे कब्र से बढ़कर पुलिस वालों का फंदा है, बचा जो इनके फंदे से खुदा का नेक बंदा है, ये पंक्तियां यूपी पुलिस के तीन साहब लोगों पर बिल्कुल फिट बैठती हैं। माजरा कुछ यूँ है कि यूपी के सोनभद्र में दारोगा साहब व थानेदार साहब से लेकर सीओ साहब चोरी जैसे गंभीर जरायम की घटना ही डकार गए। पीड़ित के घर चोरी होने की सूचना मिलने पर मौका मुआयना तो किया गया लेकिन वारदात डकारने में पूरा खेल किया गया। पहले तो पीड़ित की तहरीर जेब में रख ली गयी। पीड़ित ने मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग में रहने वाले महत्वपूर्ण पोर्टल आईजीआरएस पर शिकायत की तो उसमें झूठी रिपोर्ट लगा दी गयी। अब मामला फंस गया है। सोनभद्र जनपद के पुलिस कप्तान अभिषेक वर्मा ने चोरी की घटना में पुलिस कार्यवाही में शिथिलता बरतने व एफआईआर पंजीकृत न करने पर तत्कालीन एसएचओ, सबइंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। हवा हवाई पर्यवेक्षण पे सीओ साहब का स्पष्टीकरण तलब किया है। सोनभद्र के करमा थाना पर आवेदक गुरूप्रसाद पुत्र मिठाई लाल निवासी ग्राम तिलौली खुर्द ने अपने घर में 22 अगस्त में चोरी की घटना घटित होने की लिखित सूचना दी थी। सूचना पे तत्कालीन करमा थानेदार सूर्यभान राम समेत अन्य जिम्मेदारों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। तहरीर दबा दी गयी। सीओ जैसे राजपत्रित अफसर के मामला संज्ञान में होने के बावजूद मुकदमा नहीं लिखा गया। पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल के जरिये शिकायत दर्ज कराई तो सबइंस्पेक्टर जयशंकर यादव ने जांच के दौरान अपेक्षित पुलिस कार्यवाही न करते हुए असत्य, भ्रामक आख्या प्रेषित कर दी। आईजीआरएस शिकायत पर भी अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया। अब कागजी क्राइम कण्ट्रोल करने वाले पूर्व थानेदार सूर्यभान राम व दारोगा जयशंकर यादव शनिवार को सस्पेंड कर दिए गए। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए पूर्व सीओ घोरावल का स्पष्टीकरण कप्तान ने तलब किया है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।