नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया: एसडीएम उदित पवार
बरेली (जे.आई.न्यूज़): बारिश के कारण नदियों में पानी उफान पर है, जिसके चलते नदी का पानी एक गांव में बनी गौशाला में घुस गया। ग्रामीणों की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचें और सभी गौवंशों को वहां से निकालकर एक ग्रामीण के खाली पड़े मकान में सुरक्षित पहुंचाया।
बारिश के कारण इन दिनों नदियां अपने उफान पर हैं। लाईखेड़ा गांव में गौशाला कुछ निचली भूमि पर बनी है। गांव के पास बहने वाली पनघैली और सिंघईया नदी में भी जलस्तर काफी बढ़ा हुआ चल रहा है। शनिवार को इन नदियों का पानी गौशाला में भर गया और गौवंश डूब गए। हैरत की बात है कि गौशाला का संचालन करने वाले ग्राम प्रधान अफजल खां को भनक भी नही लगी। ग्रामीणों ने गौवंशों की हालत देखी, तो अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर नवाबगंज एसडीएम उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप समेत सरकारी अमला मौके पर पहुंच गया। उन्होंने गौवंशों को वहां से निकाला और एक ग्रामीण के खाली पड़े मकान पर सभी गौवंशों को सुरक्षित पहुंचवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों की हालत खराब है। जिम्मेदारों को गौशाला में पानी भरने की जानकारी थी, बावजूद इसके उनकी सुरक्षा में कोई कदम नही उठाया गया। ग्राम प्रधान अफजल खां की लापरवाही के चलते गौवंशीय पशुओं की जान भी जा सकती थी। एसडीएम उदित पवार ने ग्राम प्रधान व सचिव को फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दी कि गौवंशीय पशुओं की सेवा व सुरक्षा एवं उनके खान-पान की व्यवस्था करें, जिससे शासन की नीतियों को सफल बनाया जा सके। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी ओम प्रकाश एवं पशु चिकित्सक धीरज पाल गंगवार समेत तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।