रालोद की मांग के बाद विजय राठौर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी राज
पीलीभीत (जे.आई. न्यूज़): कलेक्ट्रेट परिसर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन विजय राठौड़ की हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) राजकुमार और लाइनमैन ज्ञानेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मृतक के परिजनों को 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
घटना के बाद लगातार आंदोलन और विरोध दर्ज करा रहे राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने इस कार्रवाई को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताया है।
रालोद शुरू से ही मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मृतक परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग कर रहा था। इसी मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया था।
रालोद जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि विजय राठौड़ की मौत महज एक हादसा नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी तब तक संघर्ष जारी रखेगी जब तक इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जवाबदेही तय नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक कर्मचारी की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर में कार्यरत हजारों संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता तो शायद विजय राठौड़ की जान बचाई जा सकती थी।
रालोद ने मांग की है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो तथा भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
रालोद जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी के साथ नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी, युवा संगठन अध्यक्ष फईम खां, विनोद कुमार वर्मा, डॉ. एमटी खान, फुरकान, मुन्ना, रामचन्द्र, शेर सिंह गौतम, विकास गुप्ता, सुभाष चन्द्र, राकेश कुमार श्रीवास्तव, विकास वर्मा समेत तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विजय राठौर के प्रकरण में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे।