चर्चित सत्संगी दंपत्ति मर्डर केस में 06 साल बाद परिवार को मिला न्याय! कोर्ट ने दी हत्यारोपी को उम्रकैद की सजा
बरेली (जे.आई.न्यूज़): शहर के थाना प्रेमनगर क्षेत्र के गुलमोहर पार्क में 06 साल पहले बैंक अधिकारी दंपति नीरज सत्संगी और उनकी पत्नी रूपा सत्संगी की निर्मम हत्या के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज़ अहमद ने आरोपी अनुराग भागवानी उर्फ अन्नू को दोषी करार देते हुए धारा 302, 452 और 394 भा.दं.सं. के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसे जुर्माने से भी दंडित किया गया है। हालांकि धारा 411 में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से यह साबित कर दिया कि आरोपी ने बैंक अफसर दंपति की हत्या कर उनके घर से लूटपाट की थी। लेकिन धारा 411 (चोरी का माल कब्जे में रखने) में पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज़ अहमद ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह का जघन्य अपराध समाज के लिए खतरे की घंटी है। आरोपी ने न केवल हत्या की बल्कि लूट की वारदात को भी अंजाम दिया है, इसलिए उसे कठोरतम सजा दी जाती है।
करीब छह साल तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया। मृतक दंपति का बेटा जतिन सत्संगी और परिजनों ने इसे इंसाफ की जीत बताया। उन्होंने कोर्ट के निर्णय पर संतोष जताया और कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है।
24 जुलाई 2019 की काली रात में व्यापारी 65 वर्षीय नीरज सत्संगी और उनकी पत्नी रूपा सत्संगी (असिस्टेंट मैनेजर, सेंट्रल बैंक) की उनके घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दोनों के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया। बेटे जतिन को इसकी खबर पड़ोसियों से फोन पर दी थी। गुड़गांव से भागकर बरेली पहुंचे जतिन ने देखा उसके माता-पिता के शव खून से सने पड़े हैं।
पुलिस की जांच में मामला खुलने लगा। पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में हत्यारा कैद हो गया। उसने टोपी और मास्क पहन रखा था। महज दस मिनट में कत्ल कर छत से कूद भागा। बैग साथ लाया था ताकि खून लगे कपड़े बदल सके, मगर घबराहट में बैग वहीं छोड़ गया। पुलिस ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की और इनाम घोषित कर तलाश शुरू कर दी। अनुराग भागवानी कभी ड्राइवर रहा, कभी ऑटो चलाया। वह आईपीएल से लेकर गली-कूचों तक का सट्टा खेलने का शौकीन भी था। कर्ज सिर चढ़ चुका था। घर का खर्च पत्नी के ब्यूटी पार्लर की कमाई से चलता। यहीं से उसकी मुलाकात रूपा सत्संगी से हुई, पड़ोसियों की मानें तो नजदीकियां इतनी बढ़ीं कि मोहल्ले में चर्चाएं होने लगीं। अनुराग का दावा है रूपा अपने बीमार पति से परेशान हो चुकी थी और उसने ही पति से छुटकारा दिलाने और उसे पांच लाख रुपये देने का लालच दिया और जिसमें अनुराग फंस गया।