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बैनामे के बाद जमीन पर नाम दर्ज कराने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर चार पर FIR

रिपोर्ट सैयद तुफैल अहमद

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बदायूं (जे०आई०न्यूज़) सहसवान बैनामे के बाद जमीन के राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से नाम दर्ज कराने, कूटरचना, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर सहसवान पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में एक महिला, उसके दो पुत्र और संबंधित हल्का लेखपाल शामिल हैं।

अलीगढ़ जनपद के ग्राम कुंजलपुर निवासी नाहर सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बदायूं के न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने 21 सितंबर 2026 को प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए सहसवान पुलिस को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने 28 जनवरी 2006 को ग्राम फतनपुर टप्पा हवेली (अंदर चुंगी), परगना व तहसील सहसवान स्थित खसरा संख्या 363, 364, 371 और 372 की भूमि का बैनामा ईश्वरसरन पुत्र रामनाथ से कराया था। आरोप है कि बैनामे के दौरान ईश्वरसरन के पुत्र गौरव मिश्रा गवाह भी थे।

शिकायत में कहा गया है कि ईश्वरसरन की वर्ष 2017 में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी उर्मिला देवी तथा पुत्र गौरव मिश्रा और सौरभ मिश्रा ने कथित तौर पर उक्त जमीन के राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा लिए। नाहर सिंह के मुताबिक उसे इसकी जानकारी 13 मार्च 2026 को हुई।

आरोप है कि जमीन के संबंध में बातचीत करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने गौरव मिश्रा और सौरभ मिश्रा पर कथित रूप से हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

नाहर सिंह का कहना है कि उसने थाना सहसवान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस से आख्या तलब की। पुलिस आख्या में बताया गया कि प्रार्थना पत्र में वर्णित घटनाओं को लेकर उस समय कोई अभियोग पंजीकृत नहीं था।

न्यायालय ने मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानते हुए विवेचना को आवश्यक बताया और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद सहसवान पुलिस ने उर्मिला देवी पत्नी स्वर्गीय ईश्वरसरन, गौरव मिश्रा व सौरभ मिश्रा पुत्रगण स्वर्गीय ईश्वरसरन तथा संबंधित हल्का लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2), 352 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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