नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेसा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91-8273618080 , हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें | अन्य शहरों की ख़बरें देने के लिए एवं रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क कर सकते है मोबाइल नंबर : +91-8273618080

सहसवान में नाला निर्माण में घोटाला पुरानी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप, नाबालिग से मजदूरी कराने पर भी उठे सवाल

रिपोर्ट सैयद तुफैल अहमद

 facebook     whatsapp    

बदायूं (जे०आई०न्यूज़) बताते चलें सहसवान नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नगर पालिका के ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का दावा है कि नाला निर्माण में नई ईंटों के बजाय पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्य में यदि निर्धारित मानकों के विपरीत सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो इससे नाले की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब निर्माण कार्य के लिए बजट स्वीकृत है, तो फिर गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों वाली निर्माण सामग्री का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा?

मामला यहीं नहीं थमता। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि नाला निर्माण कार्य में कक्षा 9 के छात्र जितेंद्र से मजदूरी कराई जा रही है। यदि यह आरोप सही है तो नाबालिग से निर्माण कार्य कराने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

इन आरोपों के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की मौके पर जांच कराने की मांग की है। लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल ईंटों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ स्वीकृत नक्शे, मानकों और कार्यादेश के अनुरूप निर्माण कार्य होने की भी जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल या अन्य किसी अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, इन आरोपों को लेकर ठेकेदार सिराज अथवा नगर पालिका प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में वास्तव में मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

अब सवाल यह है कि क्या नगर पालिका प्रशासन इन आरोपों का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराएगा, या फिर सरकारी धन से हो रहे निर्माण कार्य पर उठे सवाल यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएंगे?

YOU MAY HAVE MISSED

whatsapp whatsapp