गड़बड़झाला : सरकारी प्रॉपर्टी प्रकरण में तहसीलदार की छिनी कुर्सी, मुख्यालय अटैच ! लेखपाल-कानूनगो सस्पेंड ! योगी सरकार के कलेक्टर अविनाश सिंह का सिंघम अवतार चर्चा में
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। योगी सरकार के बरेली डीएम अविनाश सिंह का सिंघम अवतार सामने आया है। सरकारी जमीन प्रकरण में घनघोर गड़बड़झाला में संलिप्तता सामने आने पे जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत कलेक्टर ने असरदार एक्शन लिया है। तहसीलदार नवाबगंज दुष्यंत प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। दुष्यंत प्रताप सिंह को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट से अटैच कर दिया गया है। कार्रवाई का चाबुक लेकर बैठे आईएएस अविनाश सिंह ने कानूनगो श्याम सुंदर गुप्ता और लेखपाल रामचंद्र को सस्पेंड किया है। प्रकरण में एसडीएम नवाबगंज ने डीएम के संज्ञान में डाला है कि ग्राम ज्योरा मकरन्दपुर में 2013 में जो पट्टे आवंटित हुए थे, उसमें 16 नंबर को लेकर प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि कूटरचित तरीके से अभिलेखों में फेरबदल किया गया है। धारा 38 के अंतर्गत बिना लेखपाल की रिपोर्ट के कानूनगो ने गलत तरीके से फाइल को आगे बढ़ाया। तहसीलदार ने भी बिना परीक्षण किये ही मामला एसडीएम न्यायिक न्यायालय में भेज दिया। छायाप्रतियों के आधार पे ही अमलदरामद करा दिया गया। लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार कई बार पब्लिक के छोटे से छोटे कामों पर नियमों की काफी एबीसीडी पढ़ाते देखे गए हैं। ऐसे में नवाबगंज प्रकरण में कलेक्टर एक्शन अब चर्चा में है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी सरकारी या फिर प्राइवेट भूमि मामलों में किसी भी तरह से संलिप्त नहीं होगा। भ्रष्टाचार के मामलों में कई बार मुख्यमंत्री की सख्ती देखने को मिली है। आईएएस अभिषेक प्रकाश से लेकर आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर योगी का एक्शन मीडिया सुर्खियों में रह चुका है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।